PoiNtEr->: क्या क़ीमत है आज़ादी की

                             Difference between a dream and an aim. A dream requires soundless sleep, whereas an aim requires sleepless efforts.

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Wednesday, March 16, 2011

क्या क़ीमत है आज़ादी की


क्या क़ीमत है आज़ादी की

हमने कब यह जाना है

अधिकारों की ही चिन्ता है

फर्ज़ कहाँ पहचाना है

आज़ादी का अर्थ हो गया

अब केवल घोटाला है

हमने आज़ादी का मतलब

भ्रष्टाचार निकाला है

आज़ादी में खा जाते हम

पशुओं तक के चारे अब

‘हर्षद’ और ‘हवाला’ हमको

आज़ादी से प्यारे अब

आज़ादी के खेल को खेलो

फ़िक्सिंग वाले बल्लों से

हार के बदले धन पाओगे

‘सटटेबाज़ों’ दल्लों से

आज़ादी में वैमनस्य के

पहलु ख़ूब उभारो तुम

आज़ादी इसको कहते हैं?

अपनों को ही मारो तुम

आज़ादी का मतलब अब तो

द्वेष, घृणा फैलाना है ॥

आज़ादी में काश्मीर की

घाटी पूरी घायल है

लेकिन भारत का हर नेता

शान्ति-सुलह का कायल है

आज़ादी में लाल चौक पर

झण्डे फाड़े जाते हैं

आज़ादी में माँ के तन पर

चाक़ू गाड़े जाते है

आज़ादी में आज हमारा

राष्ट्र गान शर्मिन्दा है

आज़ादी में माँ को गाली

देने वाला ज़ीन्दा है

आज़ादी मे धवल हिमालय

हमने काला कर डाला

आज़ादी मे माँ का आँचल

हमने दुख से भर डाला

आज़ादी में कठमुल्लों को

शीश झुकाया जाता है

आज़ादी मे देश-द्रोह का

पर्व मनाया जाता है

आज़ादी में निज गौरव को

कितना और भुलाना है ?

देखो! आज़ादी का मतलब

हिन्दुस्तान हमारा ह

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